35(3) Notice प्राप्त होना किसी भी व्यक्ति के लिए एक गंभीर स्थिति है, खासकर जब इसके तुरंत बाद आपका Bank Account Freeze कर दिया जाए। 2026 में लागू हुए नए कानून Bharatiya Nagarik Suraksha Sanhita (BNSS) ने Police और Bank की Procedure में कई बदलाव किए हैं, लेकिन procedure की स्पष्टता की कमी के कारण आज भी आम आदमी परेशान है। अक्सर लोग Internet पर RBI SOPs और Legal Gaps Explained जैसे विषयों को विस्तार से खोजते हैं ताकि वे इस कानूनी जंजाल को समझ सकें। इस लेख में हम तकनीकी और कानूनी बारीकियों पर चर्चा करेंगे कि कैसे Cyber Crime के मामलों में Bank Account को Unfreeze कराया जाए और वर्तमान सिस्टम में मौजूद चुनौतियों का सामना कैसे करें।
Section 35(3) BNSS Notice: जांच की शुरुआत
पुराने कानून (CrPC) की धारा 41A को अब Section 35(3) BNSS के रूप में जाना जाता है। यह Notice तब जारी किया जाता है जब Police को किसी Transaction या व्यक्ति पर Cyber Crime में शामिल होने का संदेह होता है। इसका मतलब यह नहीं है कि आप अपराधी हैं, बल्कि Police आपको जांच में सहयोग करने के लिए बुलाती है।
अक्सर इस Notice के मिलने से पहले ही आपका Bank Account पूरी तरह से Block कर दिया जाता है। यहाँ RBI SOPs और Legal Gaps Explained को समझना इसलिए जरूरी है क्योंकि अक्सर Police बिना किसी ठोस सबूत के केवल “Chain of Transaction” के आधार पर खाते बंद करवा देती है।
यह भी पढ़ें: Cyber Crime Complaint पर Criminal की तरह Treat क्यों ? Bank Account Freeze SOP Explained
HELPLINE NUMBERRBI SOPs और Legal Gaps Explained: नियम और हकीकत
जब हम RBI SOPs और Legal Gaps Explained की बात करते हैं, तो कानून और उसके पालन के बीच एक बड़ी खाई नज़र आती है। 2026 की वर्तमान स्थिति के अनुसार, निम्नलिखित मुख्य मुद्दे सामने आते हैं:
- Notification का अभाव: RBI की Guidelines के अनुसार Bank को ग्राहक को सूचित करना चाहिए कि उनका Account क्यों रोका गया है। लेकिन वास्तविकता में, Bank अक्सर Cyber Cell के एक Email पर बिना किसी औपचारिक आदेश के Account Freeze कर देते हैं।
- Full Account Suspension की समस्या: यदि किसी Fraud का केवल ₹5,000 आपके खाते में आया है, तो नियमतः केवल उतनी ही राशि पर ‘Lien Mark’ लगना चाहिए। लेकिन “Legal Gaps” के कारण Police पूरे Account को ही Debit Freeze कर देती है, जिससे व्यक्ति का दैनिक जीवन ठप हो जाता है।
- Magistrate को रिपोर्टिंग: Section 106 BNSS के तहत, Police के लिए अनिवार्य है कि वे किसी भी संपत्ति या Bank Account को Freeze करने की जानकारी तुरंत (Forthwith) Magistrate को दें। RBI SOPs और Legal Gaps Explained के इस विश्लेषण में यह पाया गया है कि अधिकांश मामलों में Police इस Procedure का पालन नहीं करती, जिससे आम नागरिक को कोर्ट के चक्कर काटने पड़ते हैं।
Cyber Crime Bank Account Freeze: कारण और प्रभाव
Bank Account Freeze होने के पीछे सबसे बड़ा कारण “Money Trail” होता है। अगर आपने P2P (Peer-to-Peer) के जरिए Cryptocurrency बेची है या किसी अनजान व्यक्ति से पैसे प्राप्त किए हैं, और वह पैसा किसी Scam से जुड़ा है, तो आपका Account स्वतः ही जांच के घेरे में आ जाता है।
प्रभाव: 1. Business Transaction रुक जाना। 2. EMI और Cheque Bounce होने का खतरा। 3. समाज में प्रतिष्ठा Good Will Down ।
Account Unfreeze कराने का Legal Procedure
यदि आप इस स्थिति में फंस गए हैं, तो RBI SOPs और Legal Gaps Explained के आधार पर आपको निम्नलिखित कदम उठाने चाहिए:
1. Bank से Details प्राप्त करें
अपनी Bank Branch में जाकर लिखित में ‘Freeze Memo’ मांगें। इसमें 14 अंकों की Complaint ID (NCRP Number) और उस Cyber Cell का पता होगा जिसने शिकायत दर्ज की है।
2. Evidence Collection
अपनी बेगुनाही साबित करने के लिए आपको Transaction का आधार बताना होगा। इसमें शामिल हैं:
- पिछले 6 महीने का Bank Statement।
- व्यापारिक बिल या Invoices।
- P2P Chats और Screenshots (यदि Binance/OKX का मामला हो)।
- आपके KYC Documents।
3. Representation देना
अपने Lawyer के माध्यम से संबंधित Cyber Cell के जांच अधिकारी (IO) को एक विस्तृत पत्र भेजें। इसमें समझाएं कि आपके पास आया पैसा Legit है। यदि IO संतुष्ट हो जाता है, तो वह Bank को NOC (No Objection Certificate) भेज देता है।
यह भी पढ़ें: बैंगलोर साइबर सेल बैंक अकाउंट फ्रीज कर दे तो क्या करें
HELPLINE NUMBERMagistrate Court की भूमिका
जब Police विभाग सहयोग नहीं करता, तब कोर्ट की भूमिका शुरू होती है। आप Section 503 BNSS (पुराने 457 CrPC) के तहत Magistrate के सामने आवेदन कर सकते हैं। कोर्ट Police से जांच की स्थिति मांगता है। यदि यह साबित हो जाता है कि आप केवल एक “Bonafide Receiver” (अनजान transaction) हैं, तो कोर्ट तुरंत Account खोलने का आदेश दे सकता है। RBI SOPs और Legal Gaps Explained के अनुसार, कोर्ट का आदेश Bank के लिए सर्वोपरि होता है।
क्यों चुने Advocate Ayush Garg को कानूनी सहायता के लिए ?
Cyber Crime के जटिल मामलों में एक विशेषज्ञ वकील की सलाह लेना बहुत जरूरी है। Advocate Ayush Garg इस क्षेत्र में एक जाना-माना नाम हैं। वे 2026 की नई SOPs और BNSS की धाराओं का उपयोग करके Cllients को जल्द से जल्द राहत दिलाने में मदद करते हैं। उनके अनुभव के अनुसार, यदि Process को सही तरीके से मैनेज किया जाए, तो Account 55-60 दिनों के भीतर सक्रिय कराया जा सकता है।
निष्कर्ष
35(3) Notice परेशान कर सकता है लेकिन legal procedure और ऊपर दिए गए तरीकों से जल्दी सुलझाया जा सकता है । RBI SOPs और Legal Gaps Explained के इस Article से स्पष्ट है कि कानून में आपके बचाव के कई रास्ते हैं। बस जरूरत है सही समय पर सही कानूनी कदम उठाने की। घबराएं नहीं, बल्कि तथ्यों के साथ अपनी लड़ाई लड़ें।
यह भी पढ़ें: गुजरात साइबर सेल बैंक अकाउंट फ्रीज कर दे तो क्या करें
HELPLINE NUMBERAlso Connect with us on :
Facebook –
/ officialonlinelegalcenter
Instagram –
/ advocateayushgarg
Twitter –
/ onlinelegalcen
Whatsapp Number – 08273682006
Contact Number – 08273682006, 09760352006
Email Id – info@onlinelegalcenter.com


