अगर आपका Bank Account अचानक से Freeze हो गया है और Bank जाने पर पता चला कि किसी Cyber Crime Complaint की वजह से ऐसा हुआ है, तो सबसे बड़ा गुस्सा और दुख इस बात पर आता है कि पुलिस और Bank आपको एक “Criminal” की तरह क्यों Treat कर रहे हैं? आपने तो कोई अपराध नहीं किया, फिर आपके साथ ऐसा बर्ताव क्यों? आज इसी समस्या की गहराई में जाएंगे और Bank Account Freeze SOP Explained के माध्यम से आपको समझाएंगे कि System ऐसे क्यों काम करता है और आपके पास क्या कानूनी अधिकार हैं।
Cyber Crime Complaint पर आपको अपराधी की तरह क्यों देखा जाता है?
जब किसी व्यक्ति के साथ Online Fraud होता है, तो वह तुरंत National Cyber Crime Reporting Portal (1930) पर शिकायत दर्ज करता है। पुलिस उस पैसे का पीछा (Money Trail) करती है। Internet and Digitization में पैसे बहुत तेजी से एक Account से दूसरे Account में घूमते हैं। अगर उस (धोखाधड़ी का पैसा) का एक हिस्सा भी आपके Account में आया है, तो Automatically आप एक “Suspect” बन जाते हैं।
पुलिस का पहला उद्देश्य उस पैसे को आगे जाने से रोकना होता है। उन्हें शुरुआत में यह नहीं पता होता कि आप एक बेगुनाह व्यापारी हैं, एक P2P Trader हैं या उस घोटाले का हिस्सा। इसीलिए, बिना किसी पूर्व सूचना के आपका Account Block कर दिया जाता है। इस स्थिति को बेहतर समझने के लिए Bank Account Freeze SOP Explained को बारीकी से जानना जरूरी है, क्योंकि यह पूरी प्रक्रिया एक निर्धारित मानक संचालन प्रक्रिया (Standard Operating Procedure) के तहत चलती है।
यह भी पढ़ें: Why Is My Bank Account Frozen?
HELPLINE NUMBERBank Account Freeze SOP Explained: क्या है सरकारी प्रक्रिया?
गृह मंत्रालय (MHA) और Indian Cyber Crime Coordination Centre (I4C) ने एक विशेष procedure तैयार की है ताकि Online Fraud पर लगाम लगाई जा सके। यहाँ उस प्रक्रिया के मुख्य पहलू दिए गए हैं जिन्हें समझना आपके लिए अनिवार्य है:
1. शिकायत और तत्काल Freeze (Complaint & Immediate Freeze)
जैसे ही Vicitim Person Portal पर शिकायत करता है, सिस्टम उन सभी Bank Account की एक List तैयार करता है जहाँ वह पैसा ट्रांसफर हुआ है। Bank के पास जैसे ही “Freeze Request” पहुंचती है, वे बिना आपसे पूछे Account को “Debit Freeze” मोड में डाल देते हैं।
2. Money Tracking और Layer Tracking
Cyber Police Layer (Layering) को ट्रैक करती है। अगर Fraud का पैसा Layer-1 (सीधे फ्रॉड करने वाला) से Layer-2 और फिर आपके Layer-3 Account में आया है, तो भी आपका खाता Freeze होगा। Bank Account Freeze SOP Explained के अनुसार, पुलिस को अधिकार है कि वे उस पैसे के अंतिम गंतव्य तक सभी Account को ब्लॉक करें।
3. Bank की भूमिका और Notice
अक्सर Bank ग्राहकों को जानकारी देने में आनाकानी करते हैं। लेकिन SOP के मुताबिक, Bank की जिम्मेदारी है कि वह आपको उस Cyber Cell का नाम, Complaint ID और यदि संभव हो तो Investigating Officer (IO) का विवरण प्रदान करे।
पुलिस की जवाबदेही और 2026 के नए नियम (BNSS)
अक्सर देखा गया है कि पुलिस Account Freeze तो कर देती है लेकिन महीनों तक कोई जवाब नहीं देती, जिससे आम नागरिक को भारी मानसिक तनाव होता है। 2026 में लागू Bharatiya Nagarik Suraksha Sanhita (BNSS) ने इस प्रक्रिया में कुछ महत्वपूर्ण सुधार किए हैं। अब Bank Account Freeze SOP Explained में पुलिस की जवाबदेही भी शामिल है:
- मजिस्ट्रेट को रिपोर्टिंग (Reporting to Magistrate): अब Section 106 BNSS (पुराने 102 CrPC की जगह) के तहत पुलिस के लिए अनिवार्य है कि वे किसी भी Bank Account Freeze की जानकारी तुरंत संबंधित मजिस्ट्रेट को दें। यदि वे ऐसा नहीं करते, तो यह Procedure चूक मानी जाती है जिसका लाभ आप कोर्ट में उठा सकते हैं।
- अनुपातिकता का नियम (Rule of Proportionality): अगर किसी विवादित Transaction की राशि ₹5,000 है, तो पुलिस को आपका पूरा ₹5 लाख का Balance Freeze करने का अधिकार नहीं है। Bank Account Freeze SOP Explained अब इस बात पर जोर देता है कि Bank केवल उतनी ही राशि पर “Lien Mark” लगाए, न कि पूरे Account को “Total Freeze” करे।
यह भी पढ़ें: बैंगलोर साइबर सेल बैंक अकाउंट फ्रीज कर दे तो क्या करें
HELPLINE NUMBERCyber Crime Bank Account Unfreeze कैसे करवाए
अगर आप इस स्थिति में फंस गए हैं, तो Unfreeze कराने के लिए आपको एक व्यवस्थित कानूनी रास्ता अपनाना होगा। Advocate Ayush Garg जैसे विशेषज्ञ इस प्रक्रिया को 55-60 दिनों के भीतर पूरा करने में मदद करते हैं।
Step 1:Evidence Collection
आपको यह साबित करना होगा कि आप एक “Bonafide Receiver” हैं। इसके लिए आपको:
- P2P Trading के Chats और Screenshots (Binance/OKX)।
- अपने Business के Invoice या Bill ।
- KYC दस्तावेज और पिछले 6 महीने का Bank स्टेटमेंट।
Step 2: Legal Representation
अपने वकील के माध्यम से संबंधित Cyber Cell को एक “Representation” भेजें। इसमें विस्तार से समझाएं कि वह ट्रांजैक्शन क्यों हुआ था। जब पुलिस को यह विश्वास हो जाता है कि आप अपराधी नहीं बल्कि अनजाने में इस ट्रेल का हिस्सा बने हैं, तो वे जांच में ढील देते हैं।
Step 3: NOC Bank को
एक बार जांच अधिकारी (IO) संतुष्ट हो जाए, तो वह Bank को एक No Objection Certificate (NOC) भेजता है। इसके बाद आपका Bank Account Unfreeze कर दिया जाता है।
आम गलतियां जिनसे आपको बचना चाहिए
जब लोग पहली बार इस समस्या का सामना करते हैं, तो वे कुछ ऐसी गलतियां करते हैं जिससे मामला और उलझ जाता है:
- पुलिस से डरना: कई लोग डर के मारे पुलिस को जवाब ही नहीं देते। यह गलत है। चुप रहने से पुलिस को लगता है कि आप वास्तव में दोषी हैं।
- बिना सलाह के पुलिस स्टेशन जाना: अगर आपको Notice (41A) आया है, तो बिना वकील की सलाह के पुलिस स्टेशन न जाएं। आपकी एक गलत बात आपको मुसीबत में डाल सकती है।
- मिडलमैन के झांसे में आना: Social Media पर कई लोग “Account खुलवाने” का दावा करते हैं। उनसे बचें और केवल Bar Council of India (BCI) License प्राप्त Lawyer से ही सलाह लें।
यह भी पढ़ें: गुजरात साइबर सेल बैंक अकाउंट फ्रीज कर दे तो क्या करें
HELPLINE NUMBERनिष्कर्ष(Conclusion)
Cyber Cell आपको व्यक्तिगत रूप से अपराधी नहीं मानता, उनका System केवल “Suspicious Amount” को रोकने के लिए तैयार किया गया है। लेकिन Bank Account Freeze SOP Explained को समझने के बाद यह साफ है कि कानून में आपके पास पर्याप्त बचाव के रास्ते मौजूद हैं।
2026 के नए कानूनों ने अब आम जनता को यह शक्ति दी है कि वे पुलिस की मनमानी के खिलाफ खड़े हो सकें। अगर आपका खाता भी किसी Cyber Crime Complaint की वजह से Freeze है, तो घबराएं नहीं। सही Legal Documents तैयार करें और Advocate Ayush Garg जैसे विशेषज्ञों की मदद लें जो इस प्रक्रिया को सुव्यवस्थित तरीके से 55-60 दिनों में हल करने का अनुभव रखते हैं।
आपकी मेहनत की कमाई आपका हक है, और सही कानूनी जानकारी ही उसे वापस पाने का तरीका है
यह भी पढ़ें: Best Cyber Crime Lawyer In India
HELPLINE NUMBERAlso Connect with us on :
Facebook –
/ officialonlinelegalcenter
Instagram –
/ advocateayushgarg
Twitter –
/ onlinelegalcen
Whatsapp Number – 08273682006
Contact Number – 08273682006, 09760352006
Email Id – info@onlinelegalcenter.com


